"मंज़िलें उन्हीं को मिलती हैं, जो अपने हौसलों से डरते नहीं। वैकेंसी न आने से हताश न हों, यह समय अपनी कमजोरी को ताकत बनाने का है, ताकि जब वैकेंसी आए, तो पहली बार में ही बाजी मार सकें।"
"जब वैकेंसी न आए, तो समझो सरकार तुम्हें और भी बेहतर बनने का मौका दे रही है। तैयारी इतनी खामोशी से करो कि तुम्हारी सफलता शोर मचा दे।"
"याद रखो, जो आज छोड़ देगा, वो कल वैकेंसी आने पर भी पीछे रह जाएगा। यह तैयारी का नहीं, तपस्या का समय है।"
